Abdullah1980
Introduction
It was reported that Khan developed a romantic relationship with Zeenat Aman during the making of the film, and the two secretly married. However, their marriage was annulled in 1979, a year before the film's release. Aman later accused Khan of physical abuse, claiming he had assaulted her and even caused damage to one of her eyes during their turbulent relationship.
The film's music was composed by R. D. Burman, with lyrics by Anand Bakshi. Among the popular tracks was Mohammad Rafi's Maine Poocha Chand Se, which became a major hit. Other notable songs included Lallah, Allah Tera Nigahban (sung by Manna Dey), Ae Khuda, Har Faisla Tera (by Kishore Kumar), Jashn-e-Bahara (by Asha Bhosle), and Om Jai Jagdish Hare (by Lata Mangeshkar), all of which enjoyed popularity.
Abdullah grossed ₹3.4 crore at the domestic Indian box office, making it the 17th highest-grossing film of 1980 in India. Despite this, its performance was considered below average. However, the film enjoyed significant success overseas, especially in the Soviet Union, where Raj Kapoor had a massive fan following. In 1983, it attracted 31.9 million Soviet viewers, making it the highest-grossing Indian film in the USSR that year and one of the top 30 most popular Indian films there.
रिलीज़ के वक्त अब्दुल्लाह सबसे महँगी भारतीय फ़िल्मों में से एक मानी गई, लेकिन यह भारत में टिकट खिड़की पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। हालाँकि फ़िल्म के निर्देशक संजय खान ने दावा किया कि फ़िल्म मध्य पूर्व, विशेष रूप से तुर्की में ब्लॉकबस्टर साबित हुई है। इसमें भी दिलचस्प बात यह रही कि दुबई में यह फ़िल्म रिलीज़ नहीं हुई जबकि अन्य सभी क्षेत्रों में इसके वितरण अधिकार बेचे जा चुके थे।
बताया जाता है कि इसी फ़िल्म की शूटिंग के दौरान संजय खान और ज़ीनत अमान के बीच प्रेम संबंध विकसित हुए और दोनों ने छिपकर शादी कर ली। हालाँकि उनकी शादी साल 1979 में ही, इस फ़िल्म की रिलीज़ से एक साल पहले टूट गई। बाद में नायिका ज़ीनत अमान ने संजय खान पर जिस्मानी तौर पर यातना देने के आरोप लगाए और यह भी कहा कि संजय खान की पहुँचाई चोट से उनकी एक आँख को नुकसान पहुँचा है।
अब्दुल्लाह में संगीत था राहुल देव बर्मन का और इसके गीत लिखे थे आनंद बख्शी ने। इनमें मोहम्मद रफ़ी का फ़िल्म के लिए गाया एक गीत "मैंने पूछा चाँद से" बहुत कामयाब साबित हुआ। फ़िल्म के अन्य लोकप्रिय गीतों में मन्ना डे का गाया "लल्लाह, अल्लाह तेरा निग़हबान", किशोर कुमार का "ऐ खुदा, हर फ़ैसला तेरा", आशा भोंसले का "जश्न-ए-बहारा", और लता मंगेशकर का "ओम जय जगदीश हरे" जैसे गीत शामिल थे जिन्हें सुननेवालों का प्यार मिला।
अब्दुल्लाह ने भारत में 3.4 करोड़ रुपए कमाए और यह वर्ष 1980 की सत्रहवीं सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म रही। इस कमाई के बावजूद फ़िल्म का व्यावसायिक प्रदर्शन औसत से कम ही माना गया। पर इस फ़िल्म ने विदेशों में खूब पैसा कमाया — ख़ासकर सोवियत संघ में, जहाँ उस दौर में भी राज कपूर के चाहनेवालों की बड़ी संख्या मौजूद थी। वर्ष 1983 में इस फ़िल्म को सोवियत संघ में 3.19 करोड़ दर्शकों ने देखा और यह वहाँ उस साल की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्म रही। इसके साथ अब्दुल्लाह ने सोवियत संघ में अब तक की 30 सबसे लोकप्रिय भारतीय फ़िल्मों की सूची में भी अपना नाम दर्ज करवा दिया।