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11 O Clock1948

11 O Clock (1948): featured artwork

Introduction

11 O'Clock (1948), directed by Homi Wadia, is an action-adventure film featuring Fearless Nadia, John Cawas, Atish Sayani, and Aftab. Known for mythological films, Wadia also explored action cinema, and 11 O'Clock is a standout in this genre. The film blends thrilling stunts with a unique race-against-time storyline, offering suspense and excitement.
Produced under Wadia's Basant Pictures banner, founded after his split from brother JBH Wadia at Wadia Movietone, the film was co-sponsored and distributed by M.B. Billimoria. A trademark element in many of Nadia's films is the recurring Austin car, humorously credited as "Austin Ki Bacchi" (daughter of Austin) in this film, adding a playful touch. The music, composed by Chitragupta, complements the film's energetic atmosphere.
Wadia was known for working on tight budgets, reused sets across multiple productions, and 11 O'Clock was no exception. This strategy helped maximize resources while delivering high-octane action. Nadia's trademark stunts, including running over trains, fistfights with villains, and lifting them effortlessly, are central to the film's appeal. These thrilling moments, highlighted in the posters, communicate the action-packed nature of the film to audiences.
The plot centres on Suresh (John Cawas), who must marry and reach the lawyer's office by 11 O'Clock to inherit ₹1,000,000 from his uncle. If he fails, the money goes to his scheming cousin, Harish. With the help of Lakshmi (Fearless Nadia) and Tattu, Suresh races to meet the deadline, showcasing Wadia's signature blend of adventure and suspense.
11 ओ' क्लॉक (1948) मारधाड़ और रहस्य रोमांच के कारनामों से भरी फ़िल्म थी जिसके निर्देशक होमी वाडिया थे। इसमें फ़ियरलेस नाडिया, जॉन कवास, आतिश सायानी और आफ़ताब ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं। पौराणिक कथाओं पर फ़िल्में बनाने के लिए जाने जाने वाले होमी वाडिया ने इस फ़िल्म के साथ एक्शन का दामन थामा और 11 ओ'क्लॉक इस शैली की सबसे यादगार फ़िल्मों में से एक मानी जाती है। इस फ़िल्म में रोमांचकारी स्टंट्स हैं और कहानी ऐसी है जिसमें किरदारों के पास वक्त बहुत कम है और वे बस समय के पीछे दौड़ रहे हैं। इसका अनूठा तनाव फ़िल्म को गज़ब का रहस्य और रोमांच प्रदान करता है।
इस फ़िल्म का निर्माण 'बसंत पिक्चर्स' के बैनर तले हुआ था। इस बैनर की स्थापना होमी वाडिया ने अपने भाई जे.बी.एच. वाडिया के 'वाडिया मूवीटोन' से अलग होने के बाद की थी। इस फ़िल्म के सह प्रयोजक और वितरक एम.बी. बिलीमोरिया थे। फ़ियरलेस नाडिया की दूसरी कई फ़िल्मों की तरह इसमें भी ऑस्टिन कार की महत्वपूर्ण उपस्थिति है, जिसका फ़िल्म ने 'ऑस्टिन की बच्ची' के रूप में मज़ाहिया तौर पर क्रेडिट में नाम भी दिया है। फ़िल्म में संगीतकार चित्रगुप्त का संगीत था जो फ़िल्म के रोमांचक माहौल में नई जान भरता है।
होमी वाडिया सीमित बजट में कसी हुई फ़िल्मों के निर्माण के लिए जाने जाते रहे। पैसा बचाने के लिए वे एक ही सेट को कई फ़िल्मों में इस्तेमाल कर लेते थे। 11 ओ'क्लॉक भी इसी तरह बनी थी। निर्माण की यह रणनीति संसाधनों के सार्थक इस्तेमाल के साथ रोमांचक एक्शन से भरी फ़िल्म बनाने में भी मदद करती थी। नाडिया के वे तमाम ट्रेडमार्क स्टंट जैसे रेलगाड़ी की छत पर दौड़ना, खलनायकों के साथ हाथापाई और उन्हें आसानी से उठाकर पटक देना, इस फ़िल्म में भी थे और फ़िल्म के सबसे यादगार पल हैं। फ़िल्म का पोस्टर भी इन रोमांचकारी एक्शन प्रसंगों को दिखाता है और दर्शकों को फ़िल्म के मारधाड़ से भरपूर रोमाचंक माहौल से पहले ही परिचित करवा देता है।
फ़िल्म की कहानी कुछ यूँ है कि सुरेश (जॉन कवास) को अपने चाचा से विरासत में 10 लाख रुपए मिलने हैं, लेकिन ये उसे तभी मिलेंगे जब वो 11 बजे से पहले शादी करके वकील के दफ़्तर तक पहुँच जायेगा। अगर वो ऐसा नहीं कर पाया तो सारी दौलत उसके बदमाश चचेरे भाई हरीश को मिल जाएगी। सुरेश इस काम में लक्ष्मी (फ़ियरलेस नाडिया) और टट्टू के किरदारों की मदद लेता है। अब सुरेश की दौड़ घड़ी के कांटे के विरुद्ध है। इस तनाव के बीच वाडिया की यादगार एक्शन, रहस्य और रोमांच से भरी ख़ास फ़िल्म शैली खूब निखरकर सामने आती है।
Wadia, Homi (Producer), 11 O Clock, 1948 | Photographic Still Mounted on Lobby Card | CinemaEducation | 00765017
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